Saturday, November 3, 2018

प्राचीन भारत का इतिहास

जय माँ सरस्वती 

नमस्कार प्यारे दोस्तो, 

में मनीष , दोस्तों में आज आपके लिए PART-1 प्राचीन भारत का इतिहास का तीसरा अध्याय के महत्वपूर्ण G.K (भाग - B) लेके आया हु।


अध्याय  3.   -  महाजनपद काल 

  • ईशा के जन्म से पूर्व - 6 शताब्दी में सम्पूर्ण भारतवर्ष  ''16'' महाजनपदो में विभक्त था, जिसकी जानकारी हमे बौद्ध ग्रन्थ - अंगुत्तर निकाय से मिलती है। 
  • दक्षिण भारत में विस्तृत मात्र एक महाजनपद - अश्मक था। 
  • मत्स्य महाजनपद - राजस्थान (जयपुर ) के आस पास के क्षेत्र में विस्तृत था। 
IMP.-    
  • सबसे शक्तिशाली महाजनपद - मगध था (वर्तमान में बिहार                                                               ⤷  मगध महाजनपद पर शासन करने वाले राजवंश -➡️
  1. हर्यक वंश 
  2. सिसुनाग वंश 
  3. नन्द वंश 
  4. मौर्य वंश 


1. हर्यक वंश  :- 

  • हर्यक वंश का संस्थापक - बिम्बिसार था , बिम्बिसार की हत्या उसके पुत्र - अजात शत्रु द्वार की गई। 
  • हर्यकवंश का अंतिम शासक - नागदसक था।  
  • NOTE- प्रथम बौद्ध संगीति का आयोजन - अजात शत्रु द्वारा 

2. सिसुनागवंश :-

  • सिसुनागवंश का संस्थापक - सिसुनाग था। 
  • कालाशोक - सिसुनागवंश से सम्बंधित था , जिन्होंने दृत्य बोद्ध संगीति  का आयोजन करवाया था। 
  • सिसुनाग वंश का अंतिम शासक - नन्दिवर्धन था। 

3. नंदवंश  :-

  • नन्द वंश का संस्थापक - महापद्म नन्द था। 
  • नन्द वंश का अंतिम शासक - धनानन्द था। 

4. मौर्य वंश :- (322 ई. पू. से 185 ई. पू.)

  • संस्थापक - चन्द्रगुप्त मौर्य 
  • चन्द्रगुप्त मौर्य के प्रधानमंत्री - कौटिल्य/ चाणक्य/विष्णुगुप्त 
  • चाणक्य -तक्षशिला विश्वविद्यालय में आचार्य थे।  (तक्षशिला विश्वविद्यालय वर्तमान में -पाकिस्तान में है ) . 

  सिकंदर द्वारा भारत पर आक्रमण - 326 ई पू 

   ⤷  हाइडेस्पीज का युद्ध / वितिस्था का युद्ध / झेलम युद्ध - सिकन्दर तथा पोरस के मध्य 
   ⤷   पोरस पंजाब का राजा था। 
  • सेलुकस निकेटर :- भारत में, सिकंदर का उत्तराधिकारी।
  • चन्द्रगुप्त मौर्य ने सेलुकस निकेटर को हराकर उसकी बेटी - क्रोनेलिया ( हेलना ) के साथ विवाह किया।  
  • चंद्रगुप्त मौर्य के समय यूनानी राजदूत - मेगस्थनीज भारत आये थे।  
  • IMP. :- मेगस्थनीज द्वारा रचित ग्रन्थ - ''इण्डिका''                                                                      ⤷ ण्डिका में - भारतीय समाज का वर्णन मिलता है                                                                         ⤷ मेगस्थनीज के अनुसार - भारतीय समाज 7 भागो में विभक्त था। 
  • चन्द्रगुप्त मौर्य के समय - सुदर्शन झील ( गिरनार पर्वत -गुजरात ) का निर्माण गुजरात के स्थानीय राज्यपाल - पुसयगुप्त द्वारा करवाया गया। 
  • सुदर्शन झील का पहली बार पुर्नुद्वार / मरम्मत - शक शासक - रुद्रदामन द्वारा करवाई गई. 
  • तथा दूसरी बार - गप्त शासक - स्कन्द गुप्त द्वारा की गई।  
  • चन्द्रगुप्त मौर्य ने - भद्रबाहु नामक जैन मुनि से जैन धर्म की दीक्षा ग्रहण की। 
  • चन्द्रगुप्त मौर्य ने अपने जीवन के अंतिम दिन - '' श्रवणबेलगोला'' (मैसूर - कर्णाटक) में बीताये , जहाँ संथारा पूर्वक उनकी मृत्यु हो गई। ( संथारा का अर्थ- खाना -पीना छोड़ देना )  
  • IMP.- श्रवणबेलगोला में गोतमेश्वर की प्रतिमा है जो जैन धर्म से सम्बंधित है। 
  • ☆ सिकंदर के गुरु - अरस्तु थे।  
  • सिकंदर - मेसीडोनिया का था। 

  • चंद्र गुप्त का उत्तराधिकारी - बिन्दुसार 
  • बिन्दुसार को मित्रघात ( सत्रु विनाशक ) , और अभिज्ञचेटस भी कहा जाता है 
  • बिन्दुसार के समय सिरया के राजदूत डायमेक्स भारत आये।  
  • बिन्दुसार ने आजीवक संप्रदाय ( बौद्ध धर्म से सम्बंधित ) को अपनाया था । 

  • बिन्दुसार के उत्तराधिकारी - अशोक महान / अशोक वर्धन 

  • अशोक के पिता - बिन्दुसार 
  • अशोक के माता - शुभद्रांगी था।  
  • पुराणों में सम्राट अशोक को - अशोक वर्धन के नाम से सम्बोधित किया गया है।  
  • गुर्जरा व् मास्की अभिलेखों में '' अशोक '' नाम मिलता है। 
  • IMP. :- सम्राट अशोक द्वारा 261 ई. पू. में - कलिंग (उड़ीसा) पर आक्रमण किया गया।  
  • सम्राट अशोक ने उपगुप्त नामक बौद्ध भिक्षु से बौद्ध धर्म की दीक्षा ग्रहण की। 
  • सम्राट अशोक ने हमेशा के लिए युद्ध से हाय तोबा कर ली व् धम्म की स्थापना की।  
  • सम्राट अशोक ने लोगो का नैतिक उत्थान करने के लिए धम्म की स्थापना  थी। 
  • धम्म के प्रचार -प्रसार के लिए - धम्ममहामंत अधिकारियो की नियुक्ति  थी। 
  • सम्राट अशोक ने अपने पुत्र - महेंद्र व्  पुत्री - संगमित्रा को बोद्ध धर्म का प्रचार प्रसार के लिए - श्री लंका में भेजा। 
  • सम्राट अशोक ने - श्री नगर को बसाया था।  
  • सम्राट अशोक ने - पाटलिपुत्र (पटना ) में '' तृत्य बौद्ध संगीति'' का आयोजन करवाया था।  
  • सम्राट अशोक ने अपने राज्य आदेशों को अभिलेखों के रूप में लिखवाया था।  
  • अभिलेख ⇾ शिलालेख  -संख्या  14 , गुहालेख, स्तम्भ लेख। 
  •  शिलालेखों  की संख्या 14 मानी जाती है , 13 वे सिलालेख में कलिंग युद्ध का वर्णन  मिलता है।  
  • अशोक के अभिलेखों को सर्वप्रथम खोजने वाला व्यक्ति - पाद्रेटी पंथेलेर था। 
  • सम्राट अशोक के अभिलेखों को पहली बार - जेम्स प्रिंसेप द्वारा पढ़ा गया।  
  • सम्राट अशोक के अभिलेख - ब्राह्मी (LEFT TO RIGHT) , खरोष्टी (R- L.), ग्रीक व् आरामाइक लिपियों में मिलते है। 
  • IMP. :- मौर्य वंश का अंतिम शासक - वृहद्रथ था , जिसकी हत्या उनके सेनापति - पुश्यमित्र शुंग द्वारा की गई। 
  • मौर्य काल में राजकीय भूमि को - सीता भूमि कहाँ जाता था।  
  • न्यायाधीशों को - राजूक कहा जाता था 
  • वेश्यावर्ती करने वाली को - रूपाजीवा कहलाती थी। 
  • सोने के सिक्के को - सुवर्ण कहाँ जाता था 
  • हिरण्य व् बलि नामक ''कर'' लोगो लोगो से वसूल किये जाते थे। 

          अध्याय  4 . - ब्राह्मण साम्राज्य    :-   

  1. शुंग वंश 
  2. कण्व वंश 
  3. सातवाहन वंश         

1. शुंग वंश :-

  • शुंग वंश का संस्थापक - पुश्यमित्र शुंग था। 
  • शुंग वंश का अंतिम शासक - देवभूति था, जिसकी हत्या वशुदेव द्वारा की गई। 

2. कण्व वंश :-

  • स्थापना - वशुदेव द्वारा की गई। 
  • कण्व वंश का अंतिम शासक - सुशर्मा था। 

3. सातवाहन वंश :-

  • संस्थापक - सिमुक था 
  • सातवाहन वंश के राजा अपने नाम के साथ - अपनी माताओ के नाम लिकते थे  जैसे - गौतमी पुत्र शातकर्णि। 
  • सातवाहन का सबसे प्रतापी शासक - गौतमी पुत्र सातकर्णि था। 


COMING SOON ..:- भारत  के यवन साम्राजय  एवं गुप्त काल   ⤵️⤵️

  • यूनानी 
  • शक
  • कुषाण 
  • गुप्त काल 

धन्यवाद 









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