Monday, November 12, 2018

प्राचीन भारत का इतिहास के महत्वपूर्ण G.K

जय माँ सरस्वती 

नमस्कार प्यारे दोस्तो, 

में मनीष , दोस्तों में आज आपके लिए PART-1 प्राचीन भारत का इतिहास  के महत्वपूर्ण G.K (भाग - C)  लेके आया हु।

भारत के यवन साम्राज्य

  • हिन्द -यूनानी 
  • शक 
  • कुषाण 

हिन्द - यूनानी  :-   

  • मिनाण्डर  हिन्द यूनानियो का प्रशिद्ध शासक था। 
  • मिनाण्डर तथा बौद्ध भिक्षु - नागसेन के मध्य वार्ता हुई थी जिसका वर्णन - मिलिंदपान्हो में मिलता है। 
  • मिलिंदपान्हो एक बौद्ध ग्रन्थ है। 
  • हिन्द यूनानियो ने भारत में सोने के सिक्के भी जारी किये थे। 


शक (शिथियन) :-

  • शको में प्रतापी शासक - रुद्रदामन प्रथम हुए, जिन्होंने सुदर्शन झील का पुनुरुद्धार करवाया था। 
  • उज्जैन के स्थानीय राजाओ ने शको को पराजित करके विक्रमादित्य की उपाधि ग्रहण की व् विक्रम संवत की स्थापना की। 
  • NOTE :- विक्रम संवत की स्थापना -  57 ई. पू. - उज्जैन के राजाओ द्वारा। 

कुषाण (यूची) :- मध्य चीन के जाती लोग 

  • भारत में कुषाण वंश का संस्थापक - कुजुल कदफिसेस था। 
  • कनिष्क द्वारा शक संवत की स्थापना की गई। 
  • शक संवत की स्थापना - 78 ई. पू की गई। 
  • कनिष्क द्वारा कश्मीर में चतुर्थ बौद्ध संगीति का आयोजन करवाया गया। 
  • बौद्ध धर्म की महायान शाखा/ संप्रदाय का विकास - कनिष्क के समय हुआ था।  
  • कनिष्क के राजवैध - चरक थे। 
  • चरक द्वारा रचित पुस्तक / ग्रंथ - चरक संहिता 
  • कनिष्क के दरबारी कवी - अश्वघोष थे। 
  • अश्वघोष द्वारा रचित ग्रन्थ - बुद्ध चरित्र व् सोदरा नन्द 
  • गांधार शैली व् मथुरा शैली का विकास - कनिष्क के समय हुआ था। 
  • कुषाणों के समय बहुत अधिक सोने के सिक्के जारी हुए थे। 

गुप्त काल (240  ई. पू से 470  ई. पू)

गुप्त काल को भारतीय इतिहास का स्वर्ण काल माना जाता है। 

श्री गुप्त  :- 

  • गुप्त काल के प्रथम ज्ञात शासक - जो एक स्वतंत्र शासक न होकर एक सामंत हुआ करते थे। 
  • श्री गुप्त ने महाराजा की उपाधि ग्रहण की थी।  
  • महाराजा श्री गुप्त 

घटोत्कच गुप्त   :-

  • घटोत्कच गुप्त ने भी महाराजा की उपाधि ग्रहण की थी। 
  • NOTE- दोस्तों में  घटोत्कच की जानकारी नहीं बता पाया क्यू की इनके बारे में प्रतियोगी परीक्षा में  नहीं पूछा जाता। दोस्तों में आपको वो ही जानकारी दूंगा जो 80  %  प्रत्योगी परीक्षा में पूछा जाता है । अगर आप घटोत्कच के बारे ,में जानना चाहते है  तो आप  GOOGAL की सहायता ले सकते है । 

चन्द्रगुप्त प्रथम :-

  • गुप्त काल के वास्तविक संस्थापक। 
  • चंद्र गुप्त प्रथम ने अपने राज्य रोहन के उपलक्ष में गुप्त संवत की स्थापना की - 319 ई. पू  -320 ई. पू . 
  • चंद्र गुप्त प्रथम ने लिच्वि (जाती) की राजकुमारी - कुमार देवी  साथ विवाह किया। 
  • चन्द्रगुप्त प्रथम ने महाराजा धीराज की उपाधि ग्रहण की। 

समुन्द्र गुप्त  :- 

  • चन्द्रगुप्त प्रथम के उत्तराधिकारी 
  • समुन्द्रगुप्त को भारत का नेपोलियन कहा जाता है 
  • इतिहासकार - वी. एस. स्मिथ ने समुन्द्रगुप्त को भारत का नेपोलियन कहा था। 
  • समुन्द्रगुप्त ने - 12 आर्यव्रत व्  9  दक्षिणावृत राजाओ को हराकर अपने पराक्रम का परिचय दिया था। 
  • समुन्द्रगुप्त का दरबारी कवी - हरिषेण था। 
  • हरिषेण द्वारा रचित ग्रन्थ - प्रयाग प्रसस्ति 
  • समुन्द्रगुप्त एक संगीत प्रेमी राजा था, जिन्होंने "अश्वमेघ यज्ञ" करवाया था। 
  • समुन्द्र गुप्त भगवान श्री विष्णु के उपासक थे। 

चन्द्रगुप्त दृत्य :-

  • समुन्द्रगुप्त के उत्तराधिकारी 
  • चन्द्रगुप्त दृत्य ने - विक्रमादित्य की उपाधि ग्रहण की थी ( चन्द्रगुप्त विक्रमादित्य)
  • गुप्त काल के सबसे प्रतापी शासक - चन्द्रगुप्त दृत्य 
  • चन्द्रगुप्त दृत्य की पुत्री - प्रभावती गुप्त थी। 
  • चन्द्रगुप्तविक्रमादित्य  ने हूणों को हराकर चांदी के सिक्के जारी किये थे। 
  • चन्द्रगुप्त विक्रमादित्य के समय - चीनी यात्री - फाह्यान ने भारत की यात्रा की थी। 
  • फाह्यान की रचना -   फा- को-की 
  • चन्द्रगुप्त दृत्य के दरबार में - कालिदास , आर्यभट्ट , वराहमिहिर, ब्रह्मगुप्त, बेतालभट्ट, वर रूचि जैसे विद्वान सोभा पाते थे।  

कुमार गुप्त :-

  • चंद्रगुत दृत्य के उत्तराधिकारी 
  • कुमार गुप्त द्वारा नालंदा विश्वविद्यालय का निर्माण करवया था।  
  • नालंदा विश्वविद्यालय (बिहार) 
  • NOTE-   विक्रमशिला विश्वविद्यालय के निर्माण कर्ता - धर्मपाल (पाल वंश ) - बंगाल में।  

स्कन्द गुप्त :-

  • स्कन्द गुप्त ने - सुदर्शन झील का पुनरुद्वार करवाया। 
  • घोड़े की कूबड़  आकार के सिक्के चलाये। 

भानुगुप्त :-

  • एक कमजोर शासक था जो हूणों के आक्रमणों को नहीं रोक पायाथा। 

IMPORTANT :-

1. कालिदास  :-

  • कालिदास जिन्हे भारत का सेक्सपीअर कहते है।  
  • कालिदास की कृतियाँ -→ रमेश कुमारी 
  • - रघुवंशम 
  • में - मेघदुतम 
  • - अभिज्ञान शाकुंतलम 
  • कु - कुमारसंभव
  • माँ - मालविकाग्निमित्रम 
  • री - ऋतुसंहार  


            पुस्तक                              लेखक                                                   

मुद्राराक्षस                    -          विशाखदत्तं  
स्वप्नवासवदत्तम        -          भास्    
आर्यभट्टीयम सिद्धांत     -          आर्यभट्ट 
सूर्य सिद्धांत                  -          आर्यभट्ट 
पंचतत्र                         -          विष्णु शर्मा 
म्रचकतिकम                 -         शूद्रक 
वृहतसंहिता                  -         वराहमिहिर 


 गुप्त कालीन मंदिर   :-

  1. भूमरा का मंदिर - नागदा (M.P )
  2. तिगवा का मंदिर - ग्वालियर (म.प.)
  3. देवगढ़  का मंदिर - झांसी (U.P.)
  4. भीतर का मंदिर - कानपूर (U.P.)

IMP. 

  • बाघ की गुफाये - म.प. में है, जो गुप्तकालीन की देंन है। 
  • गुप्तकाल के व्यापारियों के प्रमुख को - श्रेष्ठि कहाँ जाता था। 
  • तथा व्यापारियों का संघठन - सार्थवाह के नाम से जाना जाता था। 
  • गुप्त काल में सोने के सिक्को को - दीनार 
  • चांदी के सिक्को को - रूप्यका 
  • वेश्यावर्ती में लिप्त महिलाओ को - गणिकाय खा जाता था। 
  •  गुप्त काल में सामान्य सेनिको को - चाट एवं भात कहा जाता था। 
  • सेना के अधिकारियो को - दण्डपाशिक कहाँ जाता था। 

वर्धन वंश (पुश्यभूति वंश )

  • वर्धन वंश / पुश्यभूति वंश के संस्थापक - पुष्यभूति था। 
  • इनकी राजधानी - थानेश्वर (हरियाणा ) थी। 
  • प्रभाकर वर्धन - वर्धन वंश के राजा हुए थे , जिनके पुत्र -1 राज्य वर्धन 2. हर्षवर्धन थे। 

हर्षवर्धन  :- (606  ई. पू. से 647 ई. पू.) 

  • हर्षवर्धन को भारत का अंतिम हिन्दू सम्राट कहा जाता है। 
  • हर्षवर्धन ने - पदमभट्टारकी की उपाधि ग्रहण की थी।
  • हर्षवर्धन के समय पंचम बौद्ध संगीति का आयोजन हुआ था। 
  • हर्षवर्धन द्वारा प्रयाग में आयोजित किये जाने वाला धार्मिक आयोजन जहा हर्षवर्धन द्वारा - गरीबो व् ब्राह्मणो को दान दिया जाता था। 
  •  हर्षवर्धन का राजकवि - बाणभट्ट था 
  • बाणभट्ट की रचनाये - कादम्बरी तथा हर्षचरित्र 
  • हर्षवर्धन की रचनाये -नागानंद , रत्नावली व् प्रियदर्शिका। 
  •  चीनी यात्री - हेन -त्सांग (हेनसांग) - हर्षवर्धन के समय भारत आये थे। 
  • हेनसांग को यात्रियों का राजकुमार कहा  है। 
  • हेनसांग की रचना -    सी - यू - की   

प्रमुख बौद्ध संगीति   


  1.  आजाद सत्रु - राजगृह में 
  2. कालाशोक -  वैशाली 
  3. अशोक - पाटलिपुत्र 
  4. कनिष्क - कश्मीर में 
  5. हर्षवर्धन - प्रयाग  





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धन्यवाद






 




Saturday, November 3, 2018

प्राचीन भारत का इतिहास

जय माँ सरस्वती 

नमस्कार प्यारे दोस्तो, 

में मनीष , दोस्तों में आज आपके लिए PART-1 प्राचीन भारत का इतिहास का तीसरा अध्याय के महत्वपूर्ण G.K (भाग - B) लेके आया हु।


अध्याय  3.   -  महाजनपद काल 

  • ईशा के जन्म से पूर्व - 6 शताब्दी में सम्पूर्ण भारतवर्ष  ''16'' महाजनपदो में विभक्त था, जिसकी जानकारी हमे बौद्ध ग्रन्थ - अंगुत्तर निकाय से मिलती है। 
  • दक्षिण भारत में विस्तृत मात्र एक महाजनपद - अश्मक था। 
  • मत्स्य महाजनपद - राजस्थान (जयपुर ) के आस पास के क्षेत्र में विस्तृत था। 
IMP.-    
  • सबसे शक्तिशाली महाजनपद - मगध था (वर्तमान में बिहार                                                               ⤷  मगध महाजनपद पर शासन करने वाले राजवंश -➡️
  1. हर्यक वंश 
  2. सिसुनाग वंश 
  3. नन्द वंश 
  4. मौर्य वंश 


1. हर्यक वंश  :- 

  • हर्यक वंश का संस्थापक - बिम्बिसार था , बिम्बिसार की हत्या उसके पुत्र - अजात शत्रु द्वार की गई। 
  • हर्यकवंश का अंतिम शासक - नागदसक था।  
  • NOTE- प्रथम बौद्ध संगीति का आयोजन - अजात शत्रु द्वारा 

2. सिसुनागवंश :-

  • सिसुनागवंश का संस्थापक - सिसुनाग था। 
  • कालाशोक - सिसुनागवंश से सम्बंधित था , जिन्होंने दृत्य बोद्ध संगीति  का आयोजन करवाया था। 
  • सिसुनाग वंश का अंतिम शासक - नन्दिवर्धन था। 

3. नंदवंश  :-

  • नन्द वंश का संस्थापक - महापद्म नन्द था। 
  • नन्द वंश का अंतिम शासक - धनानन्द था। 

4. मौर्य वंश :- (322 ई. पू. से 185 ई. पू.)

  • संस्थापक - चन्द्रगुप्त मौर्य 
  • चन्द्रगुप्त मौर्य के प्रधानमंत्री - कौटिल्य/ चाणक्य/विष्णुगुप्त 
  • चाणक्य -तक्षशिला विश्वविद्यालय में आचार्य थे।  (तक्षशिला विश्वविद्यालय वर्तमान में -पाकिस्तान में है ) . 

  सिकंदर द्वारा भारत पर आक्रमण - 326 ई पू 

   ⤷  हाइडेस्पीज का युद्ध / वितिस्था का युद्ध / झेलम युद्ध - सिकन्दर तथा पोरस के मध्य 
   ⤷   पोरस पंजाब का राजा था। 
  • सेलुकस निकेटर :- भारत में, सिकंदर का उत्तराधिकारी।
  • चन्द्रगुप्त मौर्य ने सेलुकस निकेटर को हराकर उसकी बेटी - क्रोनेलिया ( हेलना ) के साथ विवाह किया।  
  • चंद्रगुप्त मौर्य के समय यूनानी राजदूत - मेगस्थनीज भारत आये थे।  
  • IMP. :- मेगस्थनीज द्वारा रचित ग्रन्थ - ''इण्डिका''                                                                      ⤷ ण्डिका में - भारतीय समाज का वर्णन मिलता है                                                                         ⤷ मेगस्थनीज के अनुसार - भारतीय समाज 7 भागो में विभक्त था। 
  • चन्द्रगुप्त मौर्य के समय - सुदर्शन झील ( गिरनार पर्वत -गुजरात ) का निर्माण गुजरात के स्थानीय राज्यपाल - पुसयगुप्त द्वारा करवाया गया। 
  • सुदर्शन झील का पहली बार पुर्नुद्वार / मरम्मत - शक शासक - रुद्रदामन द्वारा करवाई गई. 
  • तथा दूसरी बार - गप्त शासक - स्कन्द गुप्त द्वारा की गई।  
  • चन्द्रगुप्त मौर्य ने - भद्रबाहु नामक जैन मुनि से जैन धर्म की दीक्षा ग्रहण की। 
  • चन्द्रगुप्त मौर्य ने अपने जीवन के अंतिम दिन - '' श्रवणबेलगोला'' (मैसूर - कर्णाटक) में बीताये , जहाँ संथारा पूर्वक उनकी मृत्यु हो गई। ( संथारा का अर्थ- खाना -पीना छोड़ देना )  
  • IMP.- श्रवणबेलगोला में गोतमेश्वर की प्रतिमा है जो जैन धर्म से सम्बंधित है। 
  • ☆ सिकंदर के गुरु - अरस्तु थे।  
  • सिकंदर - मेसीडोनिया का था। 

  • चंद्र गुप्त का उत्तराधिकारी - बिन्दुसार 
  • बिन्दुसार को मित्रघात ( सत्रु विनाशक ) , और अभिज्ञचेटस भी कहा जाता है 
  • बिन्दुसार के समय सिरया के राजदूत डायमेक्स भारत आये।  
  • बिन्दुसार ने आजीवक संप्रदाय ( बौद्ध धर्म से सम्बंधित ) को अपनाया था । 

  • बिन्दुसार के उत्तराधिकारी - अशोक महान / अशोक वर्धन 

  • अशोक के पिता - बिन्दुसार 
  • अशोक के माता - शुभद्रांगी था।  
  • पुराणों में सम्राट अशोक को - अशोक वर्धन के नाम से सम्बोधित किया गया है।  
  • गुर्जरा व् मास्की अभिलेखों में '' अशोक '' नाम मिलता है। 
  • IMP. :- सम्राट अशोक द्वारा 261 ई. पू. में - कलिंग (उड़ीसा) पर आक्रमण किया गया।  
  • सम्राट अशोक ने उपगुप्त नामक बौद्ध भिक्षु से बौद्ध धर्म की दीक्षा ग्रहण की। 
  • सम्राट अशोक ने हमेशा के लिए युद्ध से हाय तोबा कर ली व् धम्म की स्थापना की।  
  • सम्राट अशोक ने लोगो का नैतिक उत्थान करने के लिए धम्म की स्थापना  थी। 
  • धम्म के प्रचार -प्रसार के लिए - धम्ममहामंत अधिकारियो की नियुक्ति  थी। 
  • सम्राट अशोक ने अपने पुत्र - महेंद्र व्  पुत्री - संगमित्रा को बोद्ध धर्म का प्रचार प्रसार के लिए - श्री लंका में भेजा। 
  • सम्राट अशोक ने - श्री नगर को बसाया था।  
  • सम्राट अशोक ने - पाटलिपुत्र (पटना ) में '' तृत्य बौद्ध संगीति'' का आयोजन करवाया था।  
  • सम्राट अशोक ने अपने राज्य आदेशों को अभिलेखों के रूप में लिखवाया था।  
  • अभिलेख ⇾ शिलालेख  -संख्या  14 , गुहालेख, स्तम्भ लेख। 
  •  शिलालेखों  की संख्या 14 मानी जाती है , 13 वे सिलालेख में कलिंग युद्ध का वर्णन  मिलता है।  
  • अशोक के अभिलेखों को सर्वप्रथम खोजने वाला व्यक्ति - पाद्रेटी पंथेलेर था। 
  • सम्राट अशोक के अभिलेखों को पहली बार - जेम्स प्रिंसेप द्वारा पढ़ा गया।  
  • सम्राट अशोक के अभिलेख - ब्राह्मी (LEFT TO RIGHT) , खरोष्टी (R- L.), ग्रीक व् आरामाइक लिपियों में मिलते है। 
  • IMP. :- मौर्य वंश का अंतिम शासक - वृहद्रथ था , जिसकी हत्या उनके सेनापति - पुश्यमित्र शुंग द्वारा की गई। 
  • मौर्य काल में राजकीय भूमि को - सीता भूमि कहाँ जाता था।  
  • न्यायाधीशों को - राजूक कहा जाता था 
  • वेश्यावर्ती करने वाली को - रूपाजीवा कहलाती थी। 
  • सोने के सिक्के को - सुवर्ण कहाँ जाता था 
  • हिरण्य व् बलि नामक ''कर'' लोगो लोगो से वसूल किये जाते थे। 

          अध्याय  4 . - ब्राह्मण साम्राज्य    :-   

  1. शुंग वंश 
  2. कण्व वंश 
  3. सातवाहन वंश         

1. शुंग वंश :-

  • शुंग वंश का संस्थापक - पुश्यमित्र शुंग था। 
  • शुंग वंश का अंतिम शासक - देवभूति था, जिसकी हत्या वशुदेव द्वारा की गई। 

2. कण्व वंश :-

  • स्थापना - वशुदेव द्वारा की गई। 
  • कण्व वंश का अंतिम शासक - सुशर्मा था। 

3. सातवाहन वंश :-

  • संस्थापक - सिमुक था 
  • सातवाहन वंश के राजा अपने नाम के साथ - अपनी माताओ के नाम लिकते थे  जैसे - गौतमी पुत्र शातकर्णि। 
  • सातवाहन का सबसे प्रतापी शासक - गौतमी पुत्र सातकर्णि था। 


COMING SOON ..:- भारत  के यवन साम्राजय  एवं गुप्त काल   ⤵️⤵️

  • यूनानी 
  • शक
  • कुषाण 
  • गुप्त काल 

धन्यवाद 









प्राचीन भारत का इतिहास के महत्वपूर्ण G.K

जय माँ सरस्वती  नमस्कार प्यारे दोस्तो,   में मनीष , दोस्तों में आज आपके लिए PART-1 प्राचीन भारत का इतिहास  के  महत्वपूर्ण G.K (भाग - ...